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~मंगल भवन~
» उदेस्य व विचार
सुख की खोज के विकास के अंधेरों में डूबता, उतरता मनुष्य अंतर के सुख- संतोष, अपनों के स्नेह और संबंधों की ऊष्मा से वंचित हो रहा है |

» परिवार को मंगलमय बनाने के सूत्र अपना घर मंगल भवन बने, इसके लिए कुछ सूत्र हमें भी राम कथा से प्राप्त होते हैं | आगे>>
~परिचय~
मानस मर्मग्य पू0 संत श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज

राम कथा के माध्यम से जन-जन के जीवन को मंगलमय बनाने में जुटे पूज्या संत श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जीबचपन से ही समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरण की ओर प्रेरित रहे हैं| आगे>>
~विचार~
» राग सुख के संस्कार से उत्तपन्न होता है और द्वेष दुख के संस्कार से उत्तपन्न होता है| -पतंजलि

» शत्रु के गुण को भी ग्रहण क्रना चाहिए, गुरु के दोष बताने में भी संकोच नही करना चाहिए- वेदव्यास

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~संस्कृति~
यह स्मरणीया है की भारतवर्ष मे आती प्राचीन से सभी सूभ या मंगल कार्यो मे स्वस्तिक या सतिया कॅया पर्योग होता रहा है |

पुराणो मे इसे विष्णु या गणेश के प्रतीक के रूप मे वर्णित काइया गया है |
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मंगलभवन. कॉम मे आपका स्वागत है ++ आगामी कार्यक्रम 2010 के अनुसूची उपर, दाहिने के तरफ दी हुई है | महाराज जी के प्रोग्राम का सीधा प्रसारण दिशा चैनल, टाटा स्काई चैनल नंबर 184 और डिश टीवी पर 07:20 बजे